भारत को मिला पहला ‘राफेल’ लड़ाकू विमान

भारत को मिला पहला ‘राफेल’ लड़ाकू विमान

क्या है खबर

  • वायु सेना दिवस (8 अक्टूबर) , विजय दशमी ( दशहरा ) के अवसर पर  भारतीय वायु सेना को पहला राफेल  लड़ाकू विमान मिलेगा।
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले राफेल  विमान की डिलिवरी लेने फ्रांस जाएंगे , भारत ओर फ्रांस के बीच हुए समझौते के तहत भारत को पहली बार मे फ्रांस सरकार 4 विमान देगी ।
  • पहले राफेल  को  टैल नंबर RB-001 भारत के नये वायु सेना अध्यक्ष राकेश भदौरिया के नाम पर मिला है।
  • इन नये राफेल विमानों को हरियाणा के अंबाला और पश्चिम बंगाल के हाशिमारा एयरबेस पर तैनात किया जाएगा।
  • भारत को मिलने वाले राफेल  विमान में यूरोपीय मिसाइल निर्माता MBDA द्वारा विकसित अत्याधुनिक मीटियोर (Meteor) और स्काल्प मिसाइलें (Scalp Missile) होंगी।

राफेल (Rafale) विमान

  • राफेल एक मल्टीरोल लड़ाकू विमान है जो युद्ध के समय अहम रोल निभाने में सक्षम हैं।
  • यह फ्रांस की डेसॉल्ट एविएशन कंपनी द्वारा 1986 में बनाया गया, 2 इंजन वाला बेहद उन्नत किस्म के हथियारों से लैस लड़ाकू विमान है।
  • इसकी अधिकतम स्पीड 1,912 किमी/घंटा और मारक क्षमता 3700 किलोमीटर तक है।
  • राफेल 24,500 किलोग्राम वजन उठाकर ले जाने और 60 घंटे अतिरिक्त उड़ान भरने में सक्षम है।
  • राफेल अपनी हवाई हमला, जमीनी समर्थन, वायु वर्चस्व, भारी हमला और परमाणु प्रतिरोध जैसी खूबियों के लिए जाना जाता है।
  • सितंबर, 2016 में भारत ने फ्रांस सरकार और डसॉल्ट एविएशन के साथ 58 हजार करोड़ रुपए का समझौता किया था,जिसके तहत वर्ष 2022 तक फ्रांस सरकार भारतीय वायु सेना को 36 राफेल विमान देगी।
  • ये फ्रांस के अलावा मिस्र , कतर और भारत की सेनाओ मे भी शामिल है।

राफेल समझौता ( Rafale deal)

  • यह समझौता मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बेट एयरक्राफ्ट (MMRCA) कार्यक्रम का हिस्सा है।
  • MMRCA प्रतियोगिता में राफेल चुने जाने के बाद टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के मामले में दोनों पक्षों HAL india और Dassault France में गतिरोध बन गया था, जिसके कारण ये समझौता नहीं हो पाया था।
  • वर्ष 2014 में सरकार ने इस दिशा में फिर से प्रयास शुरू किया गया और वर्ष 2015 में भारत और फ्रांस के बीच इस विमान की खरीद को लेकर समझौता किया अंततः वर्ष 2016 में दोनों देशो के मध्य अंतर-सरकारी समझौता (IGA) हुआ।
  • अंतर-सरकारी समझौते अनुसार भारतीय वायु सेना की जरूरतों के मुताबिक उसके द्वारा तय समय सीमा में ही विमानों की आपूर्ति , विमान से जुड़े सिस्टम और हथियारों की आपूर्ति भी वायुसेना द्वारा तय मानकों के अनुरूप तथा विमानों के रखरखाव की जिम्मेदारी फ्रांस की होगी।
  • समझौते के तहत भारत फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदेगा।

मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (MMRCA) प्रतियोगिता

  • भारतीय वायु सेना (IAF) को भविष्य के लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) और सुखोई Su-30MKI के बीच के अंतर को भरने के लिए 126 बहु-भूमिका वाले लड़ाकू विमानों की आपूर्ति करने की एक प्रतियोगिता थी , जिसे MMRCA टेंडर के रूप में भी जाना जाता है।
  • रक्षा मंत्रालय ने MMRCA के तहत विमानों की खरीद के लिए 2008 की कीमतों पर 55,000 करोड़ रुपए  आवंटित किए थे, जो इसे भारत का सबसे बड़ा रक्षा सौदा बनाता था।
  • MRCA प्रतियोगिता में छह लड़ाकू विमानों ने भाग लिया था –
  • बोइंग एफ / ए -18 ई / एफ सुपर हॉर्नेट (Boeing F/A-18E and F/A-18F Super Hornet) – USA द्वारा विकसित दोहरे इंजन वाला लड़ाकू विमान
  • एफ -16 फाइटिंग फाल्कन (F-16 Fighting Falcon) – USA द्वारा विकसित एक इंजन वाला लड़ाकू विमान
  • डसॉल्ट राफेल  (Dassault Rafale) – France द्वारा विकसित दोहरे इंजन वाला लड़ाकू विमान
  • यूरोफाइटर टाइफून (Eurofighter Typhoon) – UK, Germany, France, Italy and Spain द्वारा संयुक्त रूप से विकसित दोहरे इंजन वाला लड़ाकू विमान
  • मिकोयान मिग -35 (Mikoyan MiG-35) – Russia द्वारा विकसित दोहरे इंजन वाला लड़ाकू विमान
  •  साब जे ए एस-39 ग्रिपेन (Saab JAS 39 Gripen) – Sweden द्वारा विकसित एक इंजन वाला लड़ाकू विमान
  • भारतीय वायुसेना द्वारा विस्तृत तकनीकी मूल्यांकन के बाद दो लड़ाकू विमानों यूरोफाइटर टाइफून और डसॉल्ट राफेल को चुने गए, बाद में जनवरी 2012 में यह घोषणा की गई थी कि डसॉल्ट राफेल ने अपनी कम लागत व सुलभ रखरखाव के कारण प्रतियोगिता जीती थी।
  • अप्रैल 2015 को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने MMRCA प्रतियोगिता को “प्रभावी रूप से मृत” घोषित कर दिया।

फ़्रांस (France) के बारे में

  • क्षेत्रफल की दृष्टि से यूरोप महाद्वीप का सबसे बड़ा देश
  • वर्तमान राष्ट्रपति  एमेनुअल मैक्रों
  • राजधानी- पेरिस
  • राष्ट्र वाक्य- “स्वतन्त्रता, समानता, बन्धुत्व”
  • वीटो का अधिकार और एक आधिकारिक परमाणु हथियार संपन्न देश , संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में से एक , GROUP-8, उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO), आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) और विश्व व्यापार संगठन (WTO) आदि का सदस्य है।

Comments ( 5 )

  • Virendra pratap

    Very very nice information sir g

  • PRAKASH RAM

    Nice information sir G

  • रविन्द्र कुमार

    उत्कर्ष टीम का बहुत बहुत आभार।…🖋👌📖🙏

  • रविन्द्र कुमार

    आभार।…🖋📖🙏

  • Amit Solanki

    Sir आपका तह दिल से धन्यवाद 🙏आप जो जानकारी उपलब्ध करवाते हो वो एकदम सटीक और स्पष्ट रूप में होती है,,और utkrish के इस साइट की तरह ही और सभी sources काफी हेल्पफुल ह so thanks utkrish to all your knowledge sources

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