मैन बुकर पुरस्कार : 2019

मैन बुकर पुरस्कार : 2019

चर्चा में क्यों ?

  • हाल ही में वर्ष 2019 के लिए मैन बुकर पुरस्कार के विजेताओंकी घोषणा की गई है।
  • इस वर्ष मार्गरेट एटवुड और बर्नार्डिने एवरिस्टो को संयुक्त रूप से मैन बुकर पुरस्कार दिया गया है। पिछले 30 वर्ष में पहली बार यह पुरस्कार संयुक्त रूप से दो लोगों को दिया गया है।

 

 मैन बुकर पुरस्कार के बारे में –

  •  मैन बुकर पुरस्कार (Man Booker Prize) अंग्रेजी उपन्यास के क्षेत्र में प्रतिवर्ष दिया जाने वाला एक प्रमुख प्रतिष्ठित ब्रिटिश पुरस्कार है।
  • इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1969 में इंग्लैंड की बुकर मैकोनल कंपनी द्वारा की गई थी।
  • प्रथम बुकर पुरस्कार विजेता Percy Howard Newby थे, जिन्हें उनकी रचना Something to Answer For के लिए यह पुरस्कार दिया गया था।
  • वर्ष 1969 से वर्ष 2001 तक इस पुरस्कार को बुकर पुरस्कार के नाम से जाना जाता था, लेकिन वर्ष 2002 से इसे मैन बुकर पुरस्कार के नाम जाना जाता है।
  • बुकर पुरस्कार के इतिहास तीन विशेष बुकर पुरस्कार भी दिये गए हैं –

 

वर्ष / विशेष पुरस्कार का नाम/ विजेता / रचना

  • 1997 / Booker of Bookers / सलमान रश्दी (Salman Rushdie) / Midnight’s Children
  • 2008   / The Best of Booker / सलमान रश्दी (Salman Rushdie) / Midnight’s Children
  • 2018 / Golden Booker / माइकल ओंडातेजे (Michael Ondaatje) / The English Patient

 

  • अब तक तीन बार संयुक्त रूप से बुकर पुरस्कार (वर्ष 1974 , 1992, 2019) दिये गए हैं।
  • वर्ष 2019 का मैन बुकर पुरस्कार मारग्रेट अटवूड (Margaret Atwood) व बर्नार्डिने एवरिस्टो (Bernardine Evaristo) को संयुक्त रूप से दिया गया है। मारग्रेट अटवूड को उनकी रचना ‘The Testaments’ के लिए तथा बर्नार्डिने एवरिस्टो को उनकी रचना ‘Girl, Woman, Other’ के लिए वर्ष 2019 का मैन बुकर पुरस्कार दिया गया है।

 

मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार (Man Booker International Prize)

 

  • मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार (Man Booker International Prize) एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक पुरस्कार है।
  • इस पुरस्कार की शुरुआत मैन बुकर पुरस्कार के पुरक पुरस्कार के रूप में जून, 2004 में हुई थी।
  • मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम व्यक्ति अलमानीया इस्माइल कादरे (Ismail Kadare) है। उन्हें वर्ष 2005 में यह पुरस्कार मिला था।
  • मैन ग्रुप द्वारा वर्ष 2005 से 2015 तक यह पुरस्कार हर दो साल में किसी भी राष्ट्रीयता के एक जीवित लेखक को अंग्रेजी (आमतौर पर अंग्रेजी अनुवाद) में प्रकाशित किए गए कार्य के लिए दिया जाता था।
  •  2016 के बाद से यह पुरस्कार अंग्रेजी अनुवाद में एकल पुस्तक को दिया जाता है जिसमें खिताब लेखक और अनुवादक के बीच समान रूप से साझा किया जाता है।
  • वर्ष 2019 का मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार ओमान के जोखा अलहरथी (Jokha Alharthi) को मिला था।
  • अब तक किसी भारतीय को यह पुरस्कार नहीं मिला है।

 

भारत के संदर्भ में –

  • बुकर पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रथम भारतीय अरुंधति रॉय है , जिन्हें वर्ष 1997 में उनकी रचना ‘The God of small things’ के लिए यह पुरस्कार मिला था।  
  • इससे पहले भारतीय मूल के दो व्यक्तियों को भी बुकर पुरस्कार मिला है-

सलमान रश्दी (Salman Rushdie) –1981 – Midnight’s Children

विद्याधार सुरजप्रसाद  नायपाल (V. S. Naipaul)1971 – In A Free State

  • अब तक कुल तीन भारतीयों और 2 भारतीय मूल व्यक्तियों ने यह पुरस्कार प्राप्त किया है-

भारतीय व्यक्ति

1.     अरुंधति रॉय (1997) – The God of small things

2.     किरण देसाई (2006) – The Inheritance of Loss

3.     अरविंद अडिग (2008) – The White Tiger

 

 

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Comment ( 1 )

  • CHAMPA

    Mast

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